पहली मोहब्बत
पहला प्यार। ये दो शब्द ही काफी हैं पूरी एक दुनिया को समेटने के लिए। उस दुनिया में न कोई चिंता थी, न कोई हिसाब — बस एक मासूम सी तड़प थी।
आकाश को आज भी वो दिन याद है जब उसने पहली बार मेघना को देखा था। स्कूल की सीढ़ियों पर वो खड़ी थी, हाथ में किताबें थीं और आँखों में एक खास सी चमक।
उस दिन से आकाश का स्कूल जाने का उत्साह दुगना हो गया था। हर सुबह उठते ही मन में एक सवाल होता — क्या आज मेघना मिलेगी?
महीनों की हिम्मत बटोरने के बाद आकाश ने एक खत लिखा। छोटे-छोटे शब्दों में बड़ी-बड़ी बातें थीं उसमें।
"मेघना, मैं नहीं जानता यह सही है या गलत। लेकिन जब तुम्हें देखता हूँ तो दिल की धड़कनें बढ़ जाती हैं। शायद यही प्यार है।"
वो खत देने की हिम्मत उसे तीन हफ्ते बाद हुई। उस दिन आकाश का दिल इतनी तेज़ धड़क रहा था कि उसे लगा सब सुन लेंगे।
मेघना ने खत पढ़ा। लंबी चुप्पी के बाद उसने कहा, "तुमने बहुत देर कर दी। मैं तो कब से इंतजार कर रही थी।"
वो पल। वो एहसास। दुनिया जैसे थम गई हो।
दो साल तक उनका प्यार चला — चोरी-छुपे मुलाकातें, आँखों से बातें, और वो बेफिक्र खुशी जो सिर्फ पहले प्यार में मिलती है।
फिर वो मोड़ आया जब रास्ते अलग हो गए। अलग-अलग शहर, अलग-अलग जिंदगियाँ। लेकिन पहली मोहब्बत कभी नहीं जाती। वो यादों में जीती रहती है — हमेशा के लिए।
आकाश आज भी जब बारिश होती है तो मेघना को याद करता है। पहला प्यार सच में कभी नहीं भूलता।